मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को चौखुटिया स्थित मां अग्नेरी के ऐतिहासिक मंदिर प्रांगण में आयोजित चैत्र अष्टमी मेले में भाग लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने मेला आयोजन के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी लोकसंस्कृति, लोककला और परंपराओं को सहेजने के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता का एक अद्भुत मंच बन चुका है। इस मेले में कुमाऊं और गढ़वाल के लोकगीतों, लोकनृत्यों के अलावा पर्यावरण संरक्षण, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, खेती बचाओ, नशा मुक्ति जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान बताया कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यूसीसी कानून लागू किया। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा कई नवाचार किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत इस क्षेत्र की 28 नई सड़कों को स्वीकृति मिल चुकी है, जो भविष्य में विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।
उन्होंने धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को लेकर भी बड़ी घोषणाएं कीं – चारधाम विकास, मानसखण्ड मंदिर माला मिशन, तथा माणा से आदि कैलाश तक एकीकृत विकास योजना इसके प्रमुख उदाहरण हैं। इसके अंतर्गत भैरवनाथ मंदिर नवागाड़ी, भैरव मंदिर पाण्डुखाल, और माँ नंदा देवी कोटियाताल को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
📢 क्षेत्रीय विकास के लिए घोषणाएं:
चौखुटिया महाविद्यालय में अगले सत्र से अर्थशास्त्र व अंग्रेजी (पीजी स्तर) और विज्ञान विषय (यूजी स्तर) की कक्षाएं शुरू होंगी।
द्वाराहाट की पेयजल समस्या के समाधान हेतु प्राकृतिक स्रोतों को पुनर्जीवित करने की वैज्ञानिक योजना।
गगास नदी में छोटे चेक डैमों का निर्माण।
ज्योलीकोट, भवाली, खैरना, मजखाली, द्वाराहाट, चौखुटिया, कर्णप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग पर शीघ्र कार्य प्रारंभ।
चौखुटिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की क्षमता 30 से बढ़ाकर 50 बेड, और डिजिटल एक्स-रे मशीन की स्थापना।
रामगंगा नदी के दोनों ओर तटबंध निर्माण।
GIC द्वाराहाट का नाम डॉ. इंदरलाल साह के नाम पर।
रामगढ़-कुनीगाढ़ मोटर मार्ग का नाम शहीद सूबेदार भवानी दत्त जोशी के नाम पर।
🙏 जागेश्वर प्रसादम योजना का शुभारंभ:
जिलाधिकारी आलोक पांडे की पहल पर मुख्यमंत्री ने हिमोत्थान योजना के अंतर्गत जागेश्वर प्रसादम योजना की शुरुआत की। इसके तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बाल मिठाई, तिल, चौलाई जैसे उत्पादों से प्रसाद तैयार करेंगी। इसमें तांबे के सिक्के, जागेश्वर धाम की जानकारी वाली पुस्तक, और धाम की प्रतिमा अंकित सिक्के शामिल होंगे, जिससे ताम्र उद्योग और महिलाओं की आर्थिक स्थिति को बढ़ावा मिलेगा।
🌟 महिलाओं और युवाओं को सशक्त करने की दिशा में कदम:
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और हिमोत्थान योजना के तहत उत्कृष्ट कार्य कर रहीं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र और चेक वितरित किए। उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का लक्ष्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
साथ ही, उन्होंने बताया कि बीते 3 वर्षों में 22,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। राज्य में लागू कड़ा नकलरोधी कानून 100 से अधिक नकलचियों को जेल तक पहुंचा चुका है।
🏛 क्षेत्र की संस्कृति और इतिहास को संजोने पर भी जोर:
केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा ने मां अग्नेरी मंदिर की ऐतिहासिकता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह 11वीं सदी में कत्यूर वंश द्वारा स्थापित शक्ति पीठ है। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा नकल विरोधी कानून और भूमि कानून को ऐतिहासिक बताया।
इस कार्यक्रम में विधायक प्रमोद नैनवाल, शिव सिंह बिष्ट, गंगा बिष्ट, और अन्य गणमान्य जन मौजूद रहे।