🔥 वक्फ संशोधन बिल पर संसद में महाभारत! ओवैसी का गुस्सा फूटा, हंगामे के बीच लोकसभा में पारित – अब राज्यसभा में टकराव तय!

📜 लोकसभा में जबरदस्त हंगामे के बाद वक्फ संशोधन विधेयक पारित!

नई दिल्ली: मंगलवार देर रात लोकसभा में 14 घंटे की लंबी बहस और जबरदस्त हंगामे के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 बहुमत से पारित कर दिया गया। 288 सांसदों ने इसके पक्ष में मतदान किया, जबकि 232 ने विरोध जताया। इस दौरान एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने गुस्से में बिल की कॉपी फाड़ दी, जिससे सदन का माहौल गरमा गया।

अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां और भी तीखी बहस होने की संभावना है। यदि वहां भी पारित हो जाता है, तो यह कानून बन जाएगा।


🔥 14 घंटे तक गरजी संसद – विपक्ष के तीखे हमले, सरकार का जोरदार बचाव!

इस विधेयक को लेकर विपक्षी दलों कांग्रेस, टीएमसी, एआईएमआईएम और सपा ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस ने इसे संविधान विरोधी बताया, जबकि ओवैसी ने इसे “मुसलमानों के खिलाफ साजिश” करार दिया।

👉 बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने कहा:
“सरकार इस बिल को सीधे पास करा सकती थी, लेकिन हमने इसे JPC में भेजा और विपक्ष को पूरा मौका दिया, फिर भी वे बेवजह हंगामा कर रहे हैं!”

👉 गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में स्पष्ट किया:
“अब किसी भी संपत्ति को सिर्फ इस्तेमाल के आधार पर वक्फ घोषित नहीं किया जा सकेगा, इससे बेनामी संपत्तियों पर रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी।”


🚨 विपक्ष का तगड़ा विरोध – ओवैसी ने बिल फाड़ा, कांग्रेस ने लगाया बड़ा आरोप!

असदुद्दीन ओवैसी ने इस बिल को लेकर गहरी नाराजगी जताई और लोकसभा में इसकी प्रति फाड़ दी। उन्होंने कहा:
“यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला है, हम इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे!”

👉 कांग्रेस ने मोदी सरकार पर साधा निशाना:
कांग्रेस ने इस विधेयक को “लोकतंत्र के खिलाफ” बताया और आरोप लगाया कि सरकार इसे अमेरिकी टैरिफ विवाद से ध्यान भटकाने के लिए लाई है।


📌 विधेयक के प्रमुख प्रावधान:

गैर-मुस्लिम सदस्यों की नियुक्ति: राज्य वक्फ बोर्ड में अब गैर-मुस्लिम सदस्य भी होंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
सरकारी निगरानी: वक्फ संपत्तियों के स्वामित्व को लेकर अब सरकारी अनुमोदन जरूरी होगा, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
‘वक्फ बाय यूजर’ प्रावधान खत्म: अब कोई भी संपत्ति सिर्फ उपयोग के आधार पर वक्फ घोषित नहीं की जा सकेगी, इसके लिए आधिकारिक घोषणा जरूरी होगी।


📢 अब क्या होगा? राज्यसभा में घमासान तय!

अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाएगा, जहां सरकार और विपक्ष के बीच और भी बड़ा टकराव देखने को मिल सकता है। अगर सरकार इसे वहां भी पास कराने में सफल होती है, तो यह राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद कानून बन जाएगा।

🚀 अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि राज्यसभा में क्या ड्रामा देखने को मिलेगा!